उपायुक्त श्री हेमन्त सती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय खाद्य निगम (FCI), राज्य खाद्य निगम (JSFC) के गोदामों, खाद्यान्नों के प्रखंडवार उठाव, डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) व्यवस्था एवं राशन वितरण प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में उपायुक्त ने जिले में राशन कार्ड धारकों की संख्या, अंत्योदय, हरा एवं पीला राशन कार्ड की स्थिति तथा पीडीएस के माध्यम से खाद्यान्न आपूर्ति की जानकारी ली। इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि जिले में लगभग 14 लाख 58 हजार राशन कार्ड लाभुक हैं तथा वर्तमान में लगभग 200 रिक्तियां हैं, जिनमें पात्र लाभुकों/सदस्यों को जोड़े जाने की प्रक्रिया चल रही है। उपायुक्त ने डिलीशन कार्य गंभीरता से करने का निर्देश देते हुए कहा कि अयोग्य लाभुकों का नाम हटाकर योग्य लाभुकों को लाभ से जोड़ना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लाभुकों का ई-केवाईसी कराया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वास्तविक पात्र लाभुकों की पहचान सुनिश्चित हो सके तथा अपात्र लाभुकों को हटाया जा सके। बैठक में जिले के गोदामों की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 2 एफसीआई एवं 14 जेएसएफसी गोदाम संचालित हैं। उपायुक्त ने सभी गोदामों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने खाद्यान्नों के सुरक्षित एवं बेहतर रख-रखाव हेतु गोदामों में बिजली व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरा, चूहों से बचाव के लिए रसायनों का उपयोग तथा गोदामों की छतों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। उपायुक्त ने गोदामों की क्षमता की जानकारी लेते हुए प्रत्येक

माह गोदाम सत्यापन कराने का निर्देश दिया। साथ ही गोदामों से निकलने वाले खाद्यान्नों के आगत-निर्गत पंजी के संधारण एवं उसकी नियमित जांच करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सप्लाई ऑफिसर सोमवार से शनिवार तक गोदामों का निरीक्षण करें, स्टॉक एवं शॉर्टेज की जांच करें तथा अभिलेखों का सत्यापन सुनिश्चित करें। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को भी अपने क्षेत्र अंतर्गत गोदामों का स्टॉक पंजी से मिलान करते हुए निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में केरेडारी प्रखंड परिसर में 1000 एमटी क्षमता का गोदाम निर्माण हेतु उपयुक्त स्थल चयन करने का भी निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के माध्यम से खाद्यान्न सीधे राशन डीलरों तक पहुंचाया जाता है, इसलिए खाद्यान्न परिवहन में उपयोग किए जाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाना आवश्यक है। उन्होंने अगले सप्ताह तक सभी डीएसडी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने का निर्देश दिया। साथ ही जीपीएस फीड को जिला आपूर्ति कार्यालय एवं उपायुक्त कक्ष में भी मॉनिटरिंग हेतु संधारित करने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि डिलीशन कार्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में अपर समाहर्ता श्री संतोष कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री आदित्य पांडेय,जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री मुरली यादव, संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी उपस्थित थे।

