अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पाकुड़ इकाई द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी और के.के.एम. कॉलेज के प्राचार्य को मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में बी एड सत्र 2024-25 एवं 2025-26 की लंबित छात्रवृत्ति का अविलंब भुगतान करने तथा सरकार द्वारा लागू किए गए अव्यावहारिक क्लस्टर सिस्टम को तुरंत समाप्त करने की मांग की गई है।एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय ने कहा कि एक तरफ विद्यार्थी छात्रवृत्ति न मिलने के कारण कर्ज के बोझ तले दबकर मानसिक तनाव झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कल्याण विभाग में सरकारी योजनाओं की राशि की अवैध निकासी की जा रही है। यह भ्रष्टाचार जिले के छात्र समुदाय के साथ विश्वासघात है। कल्याण विभाग का पैसा जरूरतमंद विद्यार्थियों के उत्थान के लिए होता है, लेकिन यह अवैध निकासी जिले की छवि पर एक कलंक जैसा है। परिषद ने मामले की उच्च स्तरीय जाँच और दोषियों को जेल भेजने की मांग की। कालेज प्राचार्य से वार्ता के दौरान परिषद के सदस्यों ने

कहा कि के.के.एम. कॉलेज के बी एड प्रशिक्षुओं ने शैक्षणिक जिम्मेदारियों और इंटर्नशिप का निर्वहन निष्ठा के साथ किया है, इसके बावजूद उनकी छात्रवृत्ति रोकना अनुचित है। परिषद ने प्राचार्य से अपील की कि वे महाविद्यालय के अभिभावक के रूप में जिला प्रशासन से वार्ता कर इस गतिरोध को समाप्त करवाएं।जिला जनजाति प्रमुख चंदन पहाड़िया ने आगामी रणनीति साझा करते हुए कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों के धैर्य की परीक्षा न ले। हमने कई बार आवेदन दिए लेकिन हर बार केवल कोरा आश्वासन ही मिला है। एबीवीपी प्रशासन को स्पष्ट रूप से 24 घंटे का अल्टीमेटम देती है। यदि कल तक छात्रवृत्ति जारी करने और क्लस्टर सिस्टम पर कोई ठोस सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो परिषद कल 14 मई को उग्र आंदोलन, पैदल मार्च और पुतला दहन करने के लिए बाध्य होगी। छात्र हितों की रक्षा के लिए हम किसी भी स्तर तक संघर्ष करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मौके पर बीएड कॉलेज इकाई अध्यक्ष अमित साहा, उपाध्यक्ष अंकित भगत, कॉलेज मंत्री उत्तम दत्ता, राहुल दास, विक्की कुमार, चिरंजीत कुमार, सानिध्य, विवेक सोरेन और भारी संख्या मे प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

