हजारीबाग के पौता में हुए ट्रिपल मर्डर मामले के बाद 28 अप्रैल को झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दौरे के दौरान दो पत्रकारों पर हुए जानलेवा हमले को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंत्री से सवाल पूछे जाने के दौरान मौजूद लोगों द्वारा मीडिया कर्मियों पर हमला किया गया, जबकि मंत्री मौके पर उपस्थित थे, लेकिन बिना किसी प्रतिक्रिया के वहां से चले गए। इस घटना को लेकर पत्रकारों में भारी आक्रोश है। घटना के तुरंत बाद 28 अप्रैल की रात सदर थाना में मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ हजारीबाग प्रेस क्लब के द्वारा कानूनी कार्रवाई हेतु आवेदन दिया गया था। हालांकि एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद अब तक न तो कोई कार्रवाई की गई है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इसी मामले में दोषियों के खिलाफ जांचोपरांत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर हजारीबाग प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम उपायुक्त को

ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर दोषियों को गिरफ्तार करने तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। हजारीबाग प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकारों द्वारा आंदोलन तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में हजारीबाग प्रेस क्लब के सचिव दीपक सिंह, वरिष्ठ पत्रकार कृष्णा गुप्ता, विकास सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन सोनी, कोषाध्यक्ष सागर कुमार, सुबोध मिश्रा, एजाज आलम, अनिल कुमार, शशांक शेखर, अभिषेक पाण्डेय, सुशांत कुमार सोनी, भावेश मिश्रा, रूपेश कुमार सोनी, रवि शर्मा एवं फजल खान सहित अन्य सदस्य शामिल थे।

