भारत ने स्वच्छ और हरित तकनीक की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल हरियाणा के जिंद–सोनीपत रूट पर सफल रहा है। यह ट्रेन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल मानी जा रही है, क्योंकि इसमें न धुआं निकलता है और न ही कार्बन उत्सर्जन होता है। हाइड्रोजन ईंधन पर चलने वाली यह तकनीक भारत को जर्मनी, चीन और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों की श्रेणी में

ला खड़ा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक ट्रेन का ट्रायल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और ग्रीन इंडिया की दिशा में बड़ा संकेत है। भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित यह तकनीक भविष्य में रेलवे सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है और प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।

