शुक्रवार को लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका, जिससे देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। बिल को पास कराने के लिए जरूरी समर्थन नहीं मिल पाया। वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। पर्याप्त संख्या न मिलने के कारण यह संविधान संशोधन बिल गिर गया और इससे जुड़े अन्य विधेयक भी स्वतः निरस्त हो गए। इस मुद्दे पर अमरावती की पूर्व सांसद नवनीत राणा भावुक हो गईं और अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रो पड़ीं।

उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के साथ राजनीति की गई है और देश की महिलाएं इसे कभी माफ नहीं करेंगी। वहीं, अमित शाह ने सदन में बहस के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए बिल के समर्थन में तर्क रखे और सभी दलों से इसे पास कराने की अपील की। महिला आरक्षण को लेकर अब सियासत और तेज होने के आसार हैं, जबकि इस मुद्दे पर देशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

