पश्चिम बंगाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है ”जहां वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं और जिनकी अपील अभी लंबित है… उन्हें फिलहाल मतदान का अधिकार नहीं दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया के तहत हटाए गए नामों वाले मतदाताओं को अंतरिम राहत देने से भी इनकार कर दिया है। कोर्ट

का कहना है कि अगर ऐसे लोगों को वोट देने की अनुमति दी गई, तो पूरी चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। आपको बता दें… ये मामला काफी बड़ा है। सैकड़ों नहीं, बल्कि 34 लाख से ज्यादा अपीलें दाखिल की जा चुकी हैं—ऐसे लोगों की, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। इस फैसले से लाखों मतदाताओं को बड़ा झटका लगा है… और आने वाले विधानसभा चुनाव पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। अब नजर इस बात पर होगी कि आगे इस मुद्दे पर कानूनी और सियासी लड़ाई किस दिशा में जाती है।

