पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सोमवार को रानीगंज स्थित हज़ूर गौसे बंगाला दरगाह पहुंचे, जहां उन्होंने जियारत कर दुआ मांगी। इस दौरान उनके साथ आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से एआईएमआईएम प्रत्याशी दानिश अज़ीज़ सहित कई पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक मौजूद रहे। ओवैसी के आगमन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग दरगाह परिसर में एकत्रित हुए। मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव इसलिए लड़ रही है, ताकि राज्य में मुसलमानों का एक सशक्त और स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि अब तक बंगाल का मुसलमान कुछ चुनिंदा राजनीतिक दलों के साथ जुड़ा रहा, लेकिन इससे उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार

नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि आज भी मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा वर्ग गरीबी और अशिक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। इन परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए आवश्यक है कि मुसलमान राजनीतिक रूप से सशक्त बनें और अपने अधिकारों के लिए स्वयं आवाज उठाएं। एआईएमआईएम इसी उद्देश्य के साथ चुनावी मैदान में उतरी है। वहीं, आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन टूटने और एआईएमआईएम को तृणमूल कांग्रेस की ‘बी टीम’ बताए जाने के आरोपों पर ओवैसी ने कड़ा प्रतिवाद किया। उन्होंने कहा कि कभी उनकी पार्टी को भाजपा की बी टीम बताया जाता है, तो कभी टीएमसी की, जबकि वास्तविकता यह है कि एआईएमआईएम किसी भी दल की बी टीम नहीं है.ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आम जनता की आवाज है और वंचित एवं पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। रानीगंज में ओवैसी के इस दौरे से चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय होता नजर आ रहा है।

