मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर एलपीजी और कच्चे तेल की कमी की आशंकाएं बढ़ी हैं, जिसका असर भारत में भी दिखा। हालांकि भारत सरकार ने इन खबरों को अफवाह बताते हुए स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत के पास पर्याप्त कच्चा तेल भंडार है और अगले दो महीनों के लिए आपूर्ति सुनिश्चित

कर ली गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रिफाइनरियां उच्चतम स्तर पर काम कर रही हैं और कहीं भी ईंधन की कमी की रिपोर्ट नहीं है। वैश्विक कीमतों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ब्रेंट क्रूड, जो दो महीने पहले करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, अब 100 डॉलर के पार पहुंच चुका है। इसके बावजूद सरकार ने घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।

