जी हां धनबाद में पुराना बाजार से पहले एक जिला परिषद , का मैदान जो वर्षों से यूं ही पड़ी हुई थी, जहां कचरा का अंबार था,और जहां शराबियों, और जुआरियों का अड्डा हुआ करता था उसे साफ सुथरा करवाकर 7 दिवसीय गांधी सिल्क मेला लगाया गया जो कि वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान में हस्त कला और शिल्प कला को प्रोत्साहन देने के लिय खास माना जा रहा है। मेला का उदघाटन जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती शारदा सिंह के कर कमलों द्वारा किया गया जो कि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुई थी।इस अवसर पर आयोजकों द्वारा उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती शारदा सिंह जी ने कहा कि इस प्रकार के मेले हमारे स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने एवं आत्मनिर्भर बनने का एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि “गांधी शिल्प मेला” न केवल

हमारी समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को बढ़ावा देता है, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने उपस्थित सभी कलाकारों एवं शिल्पकारों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में मेला में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री अमित जायसवाल जी, संचालन कर रहे श्री अशोक जी, श्रीमती मासुम शर्मा जी, श्री अभय दुबे जी, श्री शशिकांत दुबे जी, श्री गौरव जी, श्रीमती अचला जी, श्री चुना सिंह जी, सरदार सोनी सिंह जी एवं श्री अरुण सिंह जी सहित कई गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

