भभुआ नगर के वार्ड संख्या 25 स्थित ददरा रोड के समीप संचालित एक कथित नकली मिनरल वाटर फैक्ट्री पर शनिवार की शाम प्रशासनिक टीम द्वारा छापेमारी की गई। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई, जिसमें कंपनी के अधिकृत अधिवक्ता राजन द्विवेदी, लोकल कमिश्नर अधिवक्ता हिमांशु सेहरा और उनकी टीम शामिल रही। पुलिस बल की मौजूदगी में फैक्ट्री परिसर की गहन जांच की गई। जानकारी के अनुसार, क्लियर नाम से नकली पानी का उत्पादन धीरज इंटरप्राइजेज के नाम से किया जा रहा था। टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां मशीनों के माध्यम से पानी की पैकेजिंग का कार्य जारी था। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार बोतलें और उन पर चिपकाने के लिए नकली स्टीकर बरामद किए गए।

कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेकानंद ओझा ने बताया कि इस कार्रवाई में करीब 36 हजार पानी की बोतलें जब्त की गई हैं। जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 70 लाख रुपये बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी को करीब एक वर्ष पहले ही भभुआ क्षेत्र में डुप्लीकेट पानी बनाए जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद इस मामले को लेकर दिल्ली कोर्ट पटियाला हाउस में केस दायर किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में लगभग एक वर्ष का समय लगा, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर चार टीमों का गठन कर छापेमारी की गई। स्थानीय स्तर पर भभुआ थाना को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने अभियान में सहयोग किया। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि इस तरह के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

