विधानसभा चुनाव से पहले जामुड़िया क्षेत्र में उस समय असहज स्थिति बन गई, जब तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक हरेराम सिंह को चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय आदिवासी समुदाय की महिलाओं के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, अपने चुनाव प्रचार के दौरान जामुड़िया के मौजूदा विधायक और तृणमूल कांग्रेस के उमीदवार हरेराम सिंह जामुड़िया के निघा क्षेत्र स्थित बैरागीबागान आदिवासी पाड़ा में पहुंचे थे। यहीं से उन्होंने प्रचार अभियान की शुरुआत की। लेकिन जैसे ही वे इलाके में पहुंचे, बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होने का आरोप लगाते हुए सवालों की बौछार कर दी। महिलाओं का आरोप था कि हर चुनाव से पहले विधायक कई वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उन वादों को पूरा नहीं किया जाता। उनका कहना था कि इसी वजह से इलाके में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ है। स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई और हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि, विधायक हरेराम सिंह ने मामले को शांत करने की कोशिश करते हुए

आश्वासन दिया कि वे जल्द ही क्षेत्रवासियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी मांगों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान जब वार्ड के तृणमूल कार्यकर्ता एवं वार्ड काउंसिलर प्रतिनिधि भोला पासवान ने स्थानीय लोगों को समझाने की कोशिश की, तो नाराज ग्रामीणों ने उन्हें भी फटकार लगाकर वापस भेज दिया। वहॉ इसको लेकर मीडिया से बातचीत में विधायक हरेराम सिंह ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए वे शीघ्र ही ठोस कदम उठाएंगे, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पहले इन मुद्दों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा उम्मीदवार बिजन मुखर्जी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तृणमूल कभी भी जनता के लिए काम नहीं करती, और यही कारण है कि पांच साल बाद विधायक को देखकर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि यदि वे विधायक बनते हैं तो क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित करेंगे। फिलहाल, इस घटना के बाद इलाके में चुनावी माहौल और भी गरमा गया है।

