जी हां जहां एक ओर लोग अपने अपने कामनाओं को लेकर पर्व त्यौहार करते हैं,देवी देवताओं को मनाते और रिझाते है वहीं धनबाद के कुम्हार पट्टी में रहने वाली सुनैना ,जो कि किन्नर समुदाय से आती है सिर्फ और सिर्फ जगत कल्याण के लिए , लोक आस्था का महापर्व और सबसे कठिन पर्व माना जाने वाला, छठ पर्व पिछले 20 वर्षों से करते आ रही हैं। मन में सिर्फ एक ही कामना की उनके यजमानों का , समाज का और सभी लोगों का कल्याण हो । सचमुच धन्य हैं सुनैना किन्नर जो दूसरों के कल्याण के लिए सब प्रकार का अनुष्ठान करती हैं, सभी लोगों को इनसे काफी उम्मीद भी होती है।

इसीलिए सैकड़ों की संख्या में लोग इनके अनुष्ठान में शामिल होते हैं। इस बार भी चैत्र मास के खरना के दिन सैकड़ों की संख्या में इनके घर लोग प्रसाद ग्रहण करने आए। इस अवसर पर उन्होंने सभी से छठ पर्व की पवित्रता को बनाए रखने और आपसी प्रेम एवं सद्भाव के साथ त्योहार मनाने की अपील की। निःस्वार्थ ,और जग कल्याण के लिए की गई कोई भी अनुष्ठान, सभी देवी देवता स्वीकार करते हैं, तो निश्चय ही छठी मैया और सूर्य देव कैसे स्वीकार नहीं करेंगे। प्रस्तुत है सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिन्हा की रिपोर्ट धनबाद से।

