पश्चिम एशिया में ईरान-इज़राइल तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड करीब 112 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है, जो पहले लगभग 70 डॉलर था। इस संकट का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण। वहीं कतर के LNG इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों से गैस सप्लाई भी प्रभावित हुई है। भारत के लिए चिंता बढ़ गई है, क्योंकि वह अपनी करीब 47% गैस

जरूरत कतर से पूरी करता है। साथ ही मध्य पूर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति घटने से आयात में भी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो भारत समेत कई देशों पर महंगाई और ऊर्जा संकट का दबाव और बढ़ सकता है।

