ममता बनर्जी ने जोशीले अंदाज़ में कहा—“सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है।” यह पंक्ति आजादी के आंदोलन की याद दिलाती है और संघर्ष व साहस का प्रतीक मानी

जाती है। ममता बनर्जी के इस बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने विरोधियों को चुनौती देने का संकेत दिया है। उनका यह बयान चुनावी माहौल में कार्यकर्ताओं में जोश भरने वाला माना जा रहा है।

