हजारीबाग में इतिहास पर मंथन, 1857-1947 के दौर पर उठे अहम सवाल |

हजारीबाग में इतिहास पर मंथन, 1857-1947 के दौर पर उठे अहम सवाल |

विभावि में इतिहास पर व्याख्यान, प्रो कपिल कुमार ने उठाए बड़े सवाल Vinoba Bhave University के इतिहास विभाग में आयोजित “हजारीबाग लेक्चरर्स” कार्यक्रम में प्रसिद्ध इतिहासकार Prof. Kapil Kumar ने भारत के इतिहास के पुनर्लेखन की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने खासकर 1857 से 1947 के दौर को लेकर कई अहम सवाल उठाए और कहा कि इस अवधि को नए दृष्टिकोण से समझना जरूरी है। व्याख्यान का विषय “भारत का विभाजन: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता” रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति Prof. Chandra Bhushan Sharma ने की।

इस दौरान प्रो कपिल कुमार ने आजाद हिंद फौज, पूर्ण स्वराज और विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक निर्णयों पर भी चर्चा की। उन्होंने अपने बेबाक अंदाज में कई सवालों के जवाब भी दिए, जिससे छात्रों और शिक्षकों के बीच संवादात्मक माहौल बना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शिक्षक मौजूद रहे।

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