अमेरिका के सात सहयोगी देशों ने होर्मुज में मदद के लिए अपनी नौसेना भेजने की अपील की थी। लेकिन अब तक कोई भी देश खुलकर मदद के लिए सामने नहीं आया है। कई देशों ने सतर्क रुख अपनाया है, जबकि कुछ ने सीधे तौर पर इनकार कर दिया है। जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे अमेरिका के करीबी सहयोगियों ने भी होर्मुज में अपनी नौसेना भेजने से मना कर दिया है, जिससे ट्रंप प्रशासन को झटका लगा है। वहीं भारत ने

सीक्रेट कूटनीति का रास्ता अपनाया और ईरान से बात कर होर्मुज से अपने जहाज मंगवाने शुरू कर दिए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक होर्मुज संकट के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है, इसलिए अमेरिका किसी भी कीमत पर इसे खुला रखना चाहता है।

