जी हां जमीन हो,मकान हो, या अन्य कोई भी चीज ,यदि आप ऐसे दलालों के द्वारा खरीद रहे हैं , जो अधिकृत,या लाइसेंस धारी नहीं हैं तो आप ठगी के शिकार हो सकते हैं। Newz India 24 की यह प्रस्तुति आम लोगों को ऐसे दलालों या बिचौलियों से सावधान करना जो सीधे साधे लोगो को अपने निजी स्वार्थ के लिए चुना लगाते फिरते हैं। ब्रोकर द्वारा अगर आप जमीन खरीद रहे तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वह जमीन आपको मिलने वाला है। हां आपका पैसा हर हाल में चला जाएगा, आपका एग्रीमेंट भी हो जाएगा, साइन भी हो जाएगा, लास्ट में आपका म्यूटेशन भी हो जाएगा, ऑनलाइन भी चढ़ जाएगा, लेकिन पोजीशन आपको नहीं मिलने वाला है। एक ऐसा ही हादसा उत्तम कुमार शर्मा के साथ हुआ जो 2013 में ढाई कट्ठा जमीन एक ब्रोकर के द्वारा खरीदा गया और वह जमीन का रजिस्ट्री उसके पिताजी के नाम भी हुआ, ऑनलाइन चढ़ गया, म्यूटेशन भी हो गया, लेकिन जब पोजीशन देने की बारी आई तब ब्रोकर ने टालमटोल करना शुरू कर दिया आज देंगे कल देंगे अभी नहीं है अभी मलिक आने वाला है यह तमाम तरह की बहाने बनाते-बनाते लगभग 13 साल उसका समय

बर्बाद कर दिया। अभी तक उत्तम कुमार शर्मा को जमीन नसीब नहीं हो पाया और पैसे की तो बात ही भूल जाइए। अभी नया विवाद सामने आया की जो जमीन उत्तम कुमार शर्मा ने खरीदा था कमल अग्रवाल से वह जमीन विवाद के घेरे में है।जमीन पर केस मुकदमा चल रहा है। अब कमल अग्रवाल का कहना है कि मेरा जमीन सही है और जब तक केस खत्म नहीं होगा तब तक हम जमीन किसी को भी आवंटन नहीं करेंगे। मामला फिर आकर के अटक गया है कि जमीन का केस मुकदमा की सुनवाई हो सकता है कि यह 13 साल के बाद अगला 13 साल और लग जाए लेकिन उत्तम कुमार शर्मा का क्या होगा? दूसरा पक्ष जो कमल अग्रवाल की जमीन पर दावा कर रहा है शिव शंकर का कहना है कि यह हमारा खतियानी जमीन है और मुझे कोर्ट से भी इसका डिग्री मिल चुका है तो फिर उत्तम कुमार शर्मा का जमीन कहां गया ?? सरकारी विभाग ने क्या देख कर रजिस्ट्री किया, म्यूटेशन भी कर दिया, ऑनलाइन भी चढ़ा दिया। मगर यहां गलती किसका है ब्रोकर का, जमीन मालिक की या जो जमीन खरीदने वाला सीधा-साधा उत्तम कुमार शर्मा का। देखिए उलझा हुआ सवाल जवाब कुछ नहीं।
