दोल मेलन का भव्य आयोजन मालूद गांव में किया गया, जो चिलिका झील के किनारे बसा हुआ है। यह अनोखा उत्सव होली के अवसर पर मनाया जाता है और पुरी लोकसभा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक परंपराओं में से

एक माना जाता है। इस दौरान आसपास के गांवों और मंदिरों से देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को भव्य झांकियों में सुसज्जित कर एक पवित्र स्थल पर लाया जाता है। लोकमान्यता है कि इस दिन सभी देवी-देवता एक स्थान पर एकत्र होकर आपस में मिलते हैं और दिव्य स्नेह का संदेश देते हैं। यह उत्सव क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता की अनूठी झलक पेश करता है।
