मुंबई से एक अहम खबर सामने आई है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि किसी भी जगह नमाज अदा करना धार्मिक अधिकार नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब मामला सुरक्षा से जुड़ा हो। अदालत ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास नमाज पढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

यह याचिका टैक्सी-ऑटो और ओला-उबर ड्राइवर यूनियन की ओर से दायर की गई थी। कोर्ट ने कहा कि एयरपोर्ट की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने आसपास सात जगहों का सर्वे किया, लेकिन भीड़ और सुरक्षा कारणों से कोई स्थान उपयुक्त नहीं पाया गया। अदालत ने यह भी बताया कि पास ही एक मदरसा मौजूद है, जहां नमाज पढ़ी जा सकती है। हालांकि, कोर्ट ने भविष्य में एयरपोर्ट पुनर्विकास के दौरान इस मुद्दे पर विचार की संभावना भी खुली रखी है।

