उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने टीबी के मरीजों के बेहतर उपचार पर विशेष जोर देते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में टीबी के मामले अधिक हैं, वहां व्यापक स्तर पर सैंपल संग्रह कर जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने टीबी की दवाओं के नियमित वितरण तथा मरीजों द्वारा दवाओं का नियमित सेवन सुनिश्चित कराने पर भी बल दिया। उपायुक्त ने एनसीडी स्क्रीनिंग कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले हाट-बाजारों में भी लोगों की स्वास्थ्य जांच कर स्क्रीनिंग की जाए तथा सभी मामलों की नियमित रूप से डेटा एंट्री सुनिश्चित की जाए। सभी एमओआईसी को निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य संबंधी सभी मानकों पर गंभीरता के साथ कार्य करते हुए प्रगति सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने आरोग्य मंदिर के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि पीवीटीजी क्षेत्रों में भी नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर लोगों की जांच की जाए। उन्होंने लेप्रोसी के संदिग्ध मामलों की पहचान होने पर संबंधित टोला एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक जांच करने का निर्देश दिया। आगामी 10 दिनों तक लेप्रोसी स्क्रीनिंग के साथ अन्य बीमारियों की जांच भी शत-प्रतिशत पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। फाइलेरिया एवं मलेरिया से संबंधित मामलों का डेटा संकलित कर स्क्रीनिंग

कार्य को गति देने का भी निर्देश दिया गया। साथ ही चिकित्सकों को नियमित रूप से स्कूलों का भ्रमण कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने तथा उसका डेटा पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। सभी एमओआईसी को निर्देश दिया गया कि सरकार द्वारा निर्धारित मानक स्वास्थ्य सेवाओं की सूची सभी सीएचसी एवं पीएचसी में प्रदर्शित की जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की स्क्रीनिंग का प्रतिशत बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को सभी एमओआईसी के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। बैठक में आरबीएसके एवं एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई तथा प्रभावित बच्चों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही आयुष्मान भारत योजना एवं अबुवा स्वास्थ्य कार्ड के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त जिले में उपलब्ध एम्बुलेंस सेवाओं, वैक्सीन प्रबंधन, ओपीडी संचालन, चिकित्सीय उपकरणों तथा दवाओं के प्रभावी उपयोग और बेहतर प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सकों, नर्सों, एएनएम तथा सहिया को अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने का निर्देश दिया तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। बैठक में उपायुक्त के अतिरिक्त अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, मलेरिया पदाधिकारी, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, सभी एमओआईसी जिला लेखा कार्यक्रम प्रबंधक, जिला डाटा प्रबंधक कुष्ठ परामर्शी, बीपीएमयू सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

