जी हां दो दिनों से चली आ रही मतगणना की गहमा गहमी उस वक्त थम गई जब झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह को धनबाद का मेयर घोषित कर दिया गया। नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद धनबाद के नए मेयर संज़ीव सिंह के आवास पर सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समर्थकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएँ दीं तथा विकास के नए दौर की अपेक्षा जताई। वहीं धनबाद विधायक राज सिन्हा ने भी शिष्टाचार भेंट कर पुष्पगुच्छ अर्पित किया और मिठाई खिलाकर अपनी खुशी व्यक्त की। इस दौरान मेयर संजीव सिंह ने भी उन्हें मिठाई खिलाकर आभार प्रकट किया। मौके पर भाजपा के कई वरिष्ठ एवं युवा नेताओं का आना-जाना लगा रहा। मेयर संज़ीव सिंह ने कहा, “यह जीत मेरी नहीं, धनबाद की जनता की जीत है। मैं सभी नागरिकों, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हमारा लक्ष्य धनबाद को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक नगर के रूप में विकसित करना है। आधारभूत संरचना, जल निकासी, सड़क, स्वच्छता

और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि नगर निगम प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाते हुए विकास कार्यों को गति दी जाएगी तथा सभी वर्गों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा। राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और विश्लेषण नगर निगम में मेयर पद पर संजीव सिंह की जीत को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों के बीच धनबाद जैसे औद्योगिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिले में भाजपा समर्थित नेतृत्व का स्थापित होना आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मेयर संजीव सिंह अपने कार्यकाल में बुनियादी समस्याओं — जैसे जलभराव, सड़क, कचरा प्रबंधन और शहरी अव्यवस्था — पर ठोस पहल करते हैं, तो यह भाजपा के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने का अवसर सिद्ध हो सकता है। वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने भी पार्टी धर्म और पति धर्म का निर्वहन करते हुए पूरे चुनाव में अपने पति संजीव सिंह से दूरी बनाई और जीत कर घर पहुंचने पर एक आदर्श पत्नी की तरह स्वागत किया।

