फाल्गुन एकादशी पर भक्ति से सराबोर हजारीबाग |

फाल्गुन एकादशी पर भक्ति से सराबोर हजारीबाग |

फाल्गुन एकादशी के पावन एवं मंगलमय अवसर पर श्याम सेवा मंडल के द्वारा में शुक्रवार को मालवीय मार्ग स्थित निर्माणाधीन श्याम मंदिर प्रांगण में रंगीलो फागुन महोत्सव का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्याम भक्तों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को श्याममय और भक्तिमय बना दिया। फाल्गुन एकादशी भगवान श्री श्याम के भक्तों के लिए अत्यंत श्रद्धा और आस्था का पर्व है। मान्यता है कि इस दिन बाबा श्याम के पूजन, कीर्तन एवं स्मरण से विशेष कृपा की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का संचार होता है। इसी आस्था और उत्साह के साथ आयोजित इस महोत्सव ने भक्तों के हृदय को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा श्याम की विधिवत पूजा-अर्चना एवं ज्योत के साथ हुआ। जैसे ही ज्योत प्रज्वलित हुई, पूरा प्रांगण हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा के जयघोष से गूंज उठा। इसके पश्चात सुप्रसिद्ध भजन गायक वीरेंद्र गर्ग उर्फ बिट्टू बिहारी ने माइक संभाला और अपनी सुमधुर, ओजपूर्ण एवं भावपूर्ण वाणी से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उन्होंने दर पर आए तेरे बाबा झोली भर के जाएंगे…,नज़रें झुकाऊँ मन्ने श्याम दिखे…,खाटूवाला आजा रे, तेरा तब्बर जोहे बाट…,आओ ना, आओ ना श्याम बाबा आओ ना… मंदिर में घुस गया… होली खेलन से डरतो सांवरा…जैसे लोकप्रिय एवं भावनात्मक भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। प्रत्येक भजन पर श्रद्धालु तालियों और जयकारों के साथ झूमते नजर आए। देर रात्रि तक भक्ति की अविरल धारा बहती रही और पूरा मंदिर प्रांगण भजन-संगीत से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर स्थानीय श्याम भक्तों ने भी अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। युवा एवं मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता ने महोत्सव को और भी भव्य बना दिया। निर्माणाधीन मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था, जिससे फागुन माह की छटा सजीव हो उठी। भजन संध्या के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं सेवा भाव से जुड़े सदस्यों के प्रति आभार प्रकट किया। समिति ने विश्वास जताया कि मंदिर का निर्माण पूर्ण होने के उपरांत ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की भव्यता और भी बढ़ेगी।

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