कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के उल्लेख को लेकर केंद्र सरकार में मंथन तेज हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि संबंधित अध्याय एनसीईआरटी की किताब का हिस्सा है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा कि क्या इतनी कम उम्र के बच्चों को न्यायिक भ्रष्टाचार

जैसे संवेदनशील विषय पढ़ाना उनकी उम्र और समझ के अनुरूप है। सूत्रों के अनुसार, पीएम ने स्पष्ट रूप से आपत्ति दर्ज कराते हुए पाठ्यक्रम निर्धारण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। इस घटनाक्रम के बाद शिक्षा नीति और स्कूली पाठ्यक्रम में संवेदनशील विषयों को शामिल करने को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज है और सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

