प्रखंड के ग्राम अडरा में भुईयां समाज की ओर से माता शबरी जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। संध्या गांव में ढोलबाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने फीता काटकर व माता शबरी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र समक्ष पूजा-अर्चना व दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने माता शबरी के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। सभी अतिथियों को माल्यार्पण व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भुईयां समाज के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन राम नायक ने कहा कि माता शबरी भील जाति से थी जो आदिवासी समाज में आते हैं। इसलिए भुईयां समाज उनके वंशज हैं तो राज्य सरकार हमसबों को आदिवासी का दर्जा दें।

उन्होंने एकजुटता पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि मां शबरी सेवासंघ के संस्थापक रोहित राम ने माता शबरी की जयंती पर सरकार से सरकारी छुट्टी घोषित करने की मांग रखी। उन्होंने ‘माउंटेन मैन’ के नाम से विख्यात दशरथ मांझी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके संघर्ष और समर्पण को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। पूर्व जिप सदस्य बुधन राम ने समाज के लोगों को कहा कि तीसरी आंख शिक्षा है। जब तक लोगों के तीसरी आंख नहीं खुलेगा तबतक समाज का विकास संभव नहीं है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए मुखिया प्रतिनिधि सह समाज के सचिव विजय राम ने डाॅ. अंबेडकर के मूल मंत्र शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करों को आत्मसात करने की बात कही। कार्यक्रम को अडरा पंचायत के मुखिया संगीता देवी सहित अन्य ने संबोधित कर शिक्षा और सामाजिक एकजुटता पर जोर दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष विनोद राम, सचिव विजय कुमार राम, पाहन अजय कुमार, छड़ीदार महेंद्र राम, तिलक राम, प्रकाश राम, हेमन राम, प्रदीप राम सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे।

