कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र के सीओ गांव के पास नहर से जनवरी 2026 में बरामद हुए सुधाकर नारायण तिवारी की लाश मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मृतक के पिता नाशपाती तिवारी के बयान पर गांव के पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम से वैज्ञानिक जांच कराई गई। कांड के उद्भेदन के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम

गठित की गई, जिसमें भभुआ थाना अध्यक्ष, डीआईयू और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने घटनास्थल का डंप डाटा विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज की जांच और ग्रामीणों से गहन पूछताछ की। पुलिस अधीक्षक Hari Mohan Shukla ने प्रेसवार्ता में बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि मृतक के दो सगे भाई गणेश तिवारी और आदित्य तिवारी ने पुराने विरोधियों को फंसाने की साजिश रची थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।

