कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बाबा बागेश्वर के नाम से भी जाना जाता है, एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। ग्वालियर में आयोजित नवग्रह पीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान उन्होंने बेटियों को संबोधित करते हुए कहा, “दुर्गा बनना, काली बनना, लेकिन कभी बुर्के वाली ना बनना।” उनके इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कुछ लोगों ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश बताया, वहीं कई धार्मिक

संगठनों और मौलानाओं ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि किसी विशेष परिधान या समुदाय को लक्षित करना उचित नहीं है। यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है।

