विनोबा भावे विश्वविद्यालय के शिक्षकों के वेतन के भुगतान से संबंधित विवाद का निपटारा कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा के हस्तक्षेप से शुक्रवार को कर लिया गया है। ज्ञात हो की वेतन भुगतान को लेकर अनावश्यक शर्त जोड़े जाने से शिक्षक काफी आहत थे। कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा को जैसे ही जानकारी मिली कि शिक्षक बहुत आहत है उन्होंने तुरंत विभागाध्यक्षों की एक आपात बैठक आहूत की। कुलपति ने शिक्षकों के पक्ष को विस्तार से सुना। लगभग डेढ़ घंटे तक चले बैठक में विभागाध्यक्षों ने बताया की किस प्रकार कुलपति को गलत जानकारी दी जा रही है। अपने को एक शिक्षक बताते हुए कुलपति ने आश्वस्त किया कि शिक्षको के मान सम्मान पर कोई आंच आने नहीं दिया जाएगा। विभागाध्यक्षों ने कुलपति की संवेदनशीलता पर उनको धन्यवाद दिया। इधर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर के पारंपरिक एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के शिक्षकों की एक संयुक्त बैठक आर्यभट्ट सभागार में अपराह्न 2:45 को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार अग्रवाल ने किया। कुलपति के साथ हुई बैठक की

गोपनीयता को बरकरार रखते हुए संघ के सचिव डॉ गोविंद कुमार झा ने सदस्यों की जिज्ञासाओं को शांत किया। तय हुआ की अब से स्नातकोत्तर के पारंपरिक एवं व्यवसायिक विभागों के शिक्षक नियमित बैठक कर विश्वविद्यालय की कार्यशैली पर नजर रखेंगे। यह भी तय हुआ कि सभी शिक्षक प्रत्येक महीना कम-से-कम एक बार बैठक के रूप में मिलेंगे। सर्वसम्मति से दोनों शिक्षक संगठनों को लेकर ‘स्नातकोत्तर शिक्षक मोर्चा’ का गठन भी किया गया। हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ सुबोध कुमार सिंह ‘शिवगीत’ को सर्वसम्मति से मोर्चा का अध्यक्ष का दायित्व दिया गया। बैठक का संचालन डॉ सुनील कुमार दुबे ने किया। यूसेट में गणित के शिक्षक डॉ बुद्धदेव महतो तथा यूसेट के ही इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के प्राध्यापक प्रो रंजीत कुमार की असामयिक मृत्यु पर गहरी शोक व्यक्त की गई। यूसेट के प्राध्यापक एवं विभावि पीएम उषा के नोडल पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार मिश्रा के प्रस्ताव पर दोनों शिक्षकों के परिवार से संपर्क कर उनके संकट के काल में परिवार का पूर्ण साथ देने का प्रस्ताव लिया गया। डॉ अमिता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में बड़ी संख्या में स्नातकोत्तर विभाग एवं व्यवसायिक विभागों के शिक्षक उपस्थित हुए।

