नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एआई से जुड़े गंभीर खतरों पर दुनिया का ध्यान खींचा। अपने संबोधन में उन्होंने डीपफेक, फर्जी कंटेंट और ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी को लेकर चिंता जताई और वैश्विक स्तर पर सख्त नियमों की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि डीपफेक और फेब्रिकेटेड कंटेंट समाज के भरोसे को कमजोर कर रहे हैं, इसलिए ऐसे कंटेंट की पहचान के लिए वाटरमार्किंग और स्पष्ट स्रोत मानक जरूरी हैं। उन्होंने टेक कंपनियों और विश्व नेताओं से मिलकर जिम्मेदार एआई इकोसिस्टम बनाने की अपील की। इस दौरान गूगल के सीईओ Sundar Pichai और

ओपनएआई के सीईओ Sam Altman समेत कई वैश्विक टेक लीडर्स मौजूद रहे। सरकार ने भी डीपफेक पर सख्ती दिखाते हुए 20 फरवरी से नए नियम लागू किए हैं, जिनके तहत एआई जनरेटेड कंटेंट पर लेबलिंग अनिवार्य होगी और शिकायत पर 3 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। पीएम मोदी ने कहा कि एआई मानवता के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन इसके सुरक्षित उपयोग के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।

