
नगर परिषद चुनाव के मद्देनजर पाकुड़ का माहौल पूरी तरह चुनावी दंगल जैसा प्रतीत हो रहा है। वैसे तो नगर निकाय चुनाव इस बार दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, बाबजूद इसके भाजपा, झामुमो एवं कांग्रेस ने अपने अपने प्रत्याशी का एलान कर दिया है एवं हर दल जीत के लिए ताकत झोंक रहा है। कोई दल विकास के पुराने काम गिना रहे हैं, तो कोई परिवर्तन और नई सोच का नारा दे रहे हैं। हर उम्मीदवार सुबह से ही टोली बनाकर निकल रहे हैं। नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशी का प्रचार केवल माइकिंग, जनसंपर्क व दरवाजे तक नहीं रह गया है बल्कि यह डिजिटल भी हो चुका है। गंगा पानी के दावे जहां एक ओर मतदाता को पानी पानी कर रहा है, तो सड़क, बिजली एवं जाम के दावे से मतदाता उब चुके हैं। इसके इतर इस बार मतदाताओं की माने तो उन्होंने टूटी सड़कें, जलजमाव पानी की सप्लाई, बिजली कटौती सफाई व्यवस्था, युवाओं के लिए रोजगार जैसे मुद्दों को अहमियत दे रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता रूपी ऊंट इस चुनाव में किस करवट बैठता है।

