हरियाणा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज और कैथल की एसपी उपासना के बीच मंच पर ही तीखी बहस देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान किसी कार्यकर्ता की शिकायत को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा छेड़ दी। अक्सर यह मुद्दा उठता रहा है कि कार्यकर्ताओं या आम लोगों की शिकायतें अफसर नहीं सुनते। इसी तरह के आरोप अन्य राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश में भी राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं।

हालांकि हरियाणा की इस घटना ने एक बार फिर नेताओं और अधिकारियों के बीच समन्वय और अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीति और प्रशासन के बीच तालमेल लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। कई बार नेता जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की आवाज उठाते हैं, तो वहीं अधिकारी नियमों और प्रक्रियाओं के तहत काम करते हैं। ऐसे में मतभेद की स्थिति बनना असामान्य नहीं है।

