कर्नाटक में लोकायुक्त विभाग ने अवसंरचना और विकास से जुड़ी स्वीकृतियों में रिश्वत और महंगाई भत्ते (डीए) के गड़बड़ी के आरोप में छापेमारी की। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता पुरुषोत्तम और केआरईआईएस(KREIS) के अधीक्षक अभियंता एच.एम. जनार्दन के घरों पर बेंगलुरु और मैसूरु में छापेमारी की गई। जांच के दौरान लगभग 1.7 करोड़ रुपये नकद और सोने कीमती सामान बरामद हुआ। यह कार्रवाई चार अधिकारियों के खिलाफ व्यापक भ्रष्टाचार मामले का हिस्सा है, जिसमें कुल बरामद संपत्ति की कीमत लगभग 23 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

लोकायुक्त कार्यालय ने कहा कि जांच अभी जारी है और सभी आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अवसंरचना परियोजनाओं की मंजूरी में रिश्वत और महंगाई भत्ते का दुरुपयोग किया। बेंगलुरु और मैसूरु पुलिस ने स्थानीय संपत्तियों की निगरानी तेज कर दी है और अधिकारी अब तक की सभी संपत्तियों और लेन-देन का रिकॉर्ड जुटा रहे हैं।

