संसद में एक विवेकशील और तर्कपूर्ण आवाज़ के रूप में राघव चड्ढा ने अपना दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि संसद में केवल जाति आधारित राजनीति करने वाले लोग नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे और सोचने वाले प्रतिनिधि होने चाहिए। इस मौके पर उन्होंने इक्विटी निवेशकों के हित में LTCG (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स) टैक्स को शून्य करने की मांग उठाई।

राघव चड्ढा के अनुसार यह निर्णय निवेशकों के लिए उचित और वाजिब है, जिससे शेयर मार्केट में सकारात्मक माहौल बनेगा और निवेशकों को राहत मिलेगी। उनके तर्क और विचारशील प्रस्तुति ने सदन में उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और यह दिखाया कि संसद में विवेक और ज्ञान आधारित बहस कितनी महत्वपूर्ण है।

