|सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार और उसके लगभग 20 लाख कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे महंगाई भत्ता (DA) विवाद में गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने निर्देश दिया कि 2008 से 2019 तक का बकाया DA कर्मचारियों को भुगतान किया जाए। पहले के आदेश के अनुसार, कम से कम 25% बकाया राशि 6 मार्च तक जारी की जानी है। कोर्ट ने शेष 75% बकाया का निर्धारण करने के लिए चार सदस्यीय समिति बनाने का आदेश दिया। इस समिति की अध्यक्षता पूर्व SC जस्टिस इंदु मल्होत्रा और दो रिटायर्ड HC चीफ जस्टिस के साथ CAG या CAG द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।


सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि DA कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है और इसे वेतन की गणना के लिए ROPA नियमों में शामिल किया गया है। 1 अप्रैल 2025 से राज्य कर्मचारियों के DA का दर 18% तय किया गया है, जबकि केंद्र और राज्य के DA में लगभग 40% का अंतर है Youtube Subscription Link :
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