पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 3 फरवरी को बड़ी कार्रवाई की। केंद्रीय एजेंसी की टीमों ने कोलकाता सहित राज्य के 12 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जिसके तार पड़ोसी राज्य झारखंड से भी जुड़े हुए हैं। इससे पहले इसी मामले में झारखंड में भी बड़े स्तर पर छापेमारी की गई थी, जहां कोयला माफिया सिंडिकेट और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम सुराग ED को मिले थे। जांच मुख्य रूप से अवैध रूप से खनन किए गए कोयले की चोरी, उसके परिवहन और उससे कमाए गए काले धन को सफेद करने के नेटवर्क पर केंद्रित है। ED की जांच में सामने आया है कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच फैला यह अवैध कोयला कारोबार केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है।

झारखंड में हुई पिछली छापेमारी के दौरान ऐसे दस्तावेज़ मिले थे, जो पश्चिम बंगाल के कई व्यापारियों और बिचौलियों की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। एजेंसी ने साफ किया है कि यह मामला आई-पैक (I-PAC) और प्रतीक जैन से जुड़े हालिया कोयला तस्करी केस से पूरी तरह अलग है। इसी क्रम में ED ने पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर, पांडाबेश्वर, कांक्सा और पानागढ़ में रेत कारोबार से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में भी छापेमारी की। इस दौरान प्रबीर दत्ता सहित कई कारोबारियों के घरों और दफ्तरों की तलाशी ली गई और दस्तावेज़ों व लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और एक साथ कई संपत्तियों पर रेड की गई।

