पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ विदेशों में कर्ज की भीख मांगनी पड़ती है, तो उन्हें गहरा शर्मिंदगी महसूस होती है। शरीफ ने कहा कि कर्ज का बोझ देश के आत्म-सम्मान पर भारी पड़ रहा है और कई बार वे चीजों को ‘ना’ भी नहीं कह पाते जो करना नहीं चाहते। पाकिस्तान IMF और अन्य देशों की मदद पर

अत्यधिक निर्भर है। उन्होंने चीन, सऊदी अरब, यूएई और कतर का धन्यवाद किया, जो मुश्किल समय में पाकिस्तान का साथ देते हैं। आर्थिक संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान को नई योजनाओं और स्थिर विदेशी मदद की जरूरत है।

