सोनभद्र के टोल प्लाजा पर एक महिला अधिवक्ता और उनके परिवार के साथ टोलकर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की घटना सामने आई। इस घटना को अधिवक्ता समाज ने अत्यंत अशोभनीय और शर्मनाक करार दिया है। अधिवक्ता समाज का कहना है कि जब वे किसी आंदोलन या न्यायिक कार्य के सिलसिले में बाहर होते हैं, तो टोलकर्मियों को यह अधिकार नहीं बनता कि वे अधिवक्ताओं से विवाद या दुर्व्यवहार करें। इस

मामले को लेकर समाज में गहरी नाराजगी है और उन्होंने घटना की सख्त जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय अधिवक्ता संघ ने इस घटना के विरोध में आवाज उठाई और कहा कि कानून पेशेवरों के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन ने भी मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

