
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच विवाद तीखा हो गया है। शंकराचार्य ने सीएम से हिंदू होने का प्रमाण मांगा और इसके लिए उन्हें 40 दिन की मोहलत दी है। अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि नाथ संप्रदाय, जिससे योगी आदित्यनाथ आते हैं, मूर्ति पूजा और देवी-देवताओं की परंपरा का विरोधी रहा है। उन्होंने बताया कि नाथ संप्रदाय शिखा, जनेऊ और लंगोट धारण नहीं करता, और अपने गुरुओं की पूजा करता है। शंकराचार्य ने 1996 में गोरखपुर मठ में पहली बार राम, सीता और लक्ष्मण की प्रतिमा स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति के अनुसार वैष्णव परंपरा देवी-देवताओं की पूजा करती है, जिसे नाथ संप्रदाय अपनाता नहीं।

