बिहार से बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकारी चिकित्सकों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। इस फैसले का मकसद गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज सुनिश्चित करना है। अब डॉक्टरों को अपने सरकारी अस्पताल में पूरी ड्यूटी करना अनिवार्य होगा और किसी भी प्राइवेट अस्पताल में प्रैक्टिस की अनुमति नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस नीति को लागू करने के लिए

विशेष कमेटी का गठन किया है, जो नियम और दिशा-निर्देश तैयार करेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

