
पाकुड़: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा 21 और 22 जनवरी को की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का बड़ा सकारात्मक असर देखने को मिला है। परिषद की प्रमुख मांग पूरी कर दी गई है। केकेएम महाविद्यालय के B.Ed. विभाग की मान्यता को पुनः बहाल कर दिया है।इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. युगल झा, B.Ed. विभागाध्यक्ष डॉ. महबूब आलम और कर्मचारी अचिंतो चौबे को माला पहनाकर सम्मानित किया और उनके सहयोग के लिए आभार जताया। इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए प्रदेश सह मंत्री बम भोला उपाध्याय ने कहा, यह जीत विद्यार्थी परिषद के निरंतर संघर्ष और छात्र एकता का परिणाम है। यदि B.Ed. की मान्यता वापस नहीं मिलती, तो क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों के दो अनमोल वर्ष और लाखों रुपए बर्बाद हो जाते। विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य हमेशा छात्र हितों की रक्षा करना रहा है। हमारा संगठन एक प्रहरी की तरह काम करता है जब भी विश्वविद्यालय प्रशासन से कोई चूक होती है, तो हम आंदोलन के माध्यम से उन्हें आईना दिखाते हैं, और जब प्रशासन छात्रों के हित में बेहतर कार्य करता है, तो हम खुले मन से उनका अभिनंदन भी करते हैं। कॉलेज उपाध्यक्ष सुमित सेन ने बताया कि कॉलेज के भवन निर्माण की जांच,सेमेस्टर 4 के परिणाम में सुधार और सत्र को नियमित करने, मूलभूत सुविधाएं शौचालय को दुरुस्त करने,पीने का शुद्ध पानी की व्यवस्था करने जैसी शेष मांगों के लिए प्राचार्य को रिमाइंडर सौंपा गया है और इसके समाधान के लिए 10 दिनों का समय दिया गया है। मौके पर जिला संयोजक सुमित पांडे, रॉकी दास, राकेश कुमार, दीपक ठाकुर, राहुल शाह, अर्जुन दास और चंदन पहाड़िया सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि तय समय में बाकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो छात्र हितों के लिए परिषद दोबारा आंदोलन करने को विवश होगी।

