
देशभर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में UGC के नए इक्विटी नियमों (Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026) को लेकर विवाद शुरू हो गया है। 13 जनवरी से लागू ये नियम सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में Equal Opportunity Centre, Equity Committee, 24×7 हेल्पलाइन और Equity Squads बनाने को अनिवार्य करते हैं। UGC का कहना है कि इसका उद्देश्य जातिगत भेदभाव रोकना और निगरानी करना है। लेकिन जनरल कैटेगरी के छात्र नियम का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि नियम एकतरफा हैं और Equity Committees में उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं है। छात्रों का डर है कि नियम की अस्पष्ट परिभाषाएं और अधिक अधिकार निगरानी बढ़ा सकते हैं और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर असर डाल सकते हैं। सोशल मीडिया पर #UGCRollback ट्रेंड कर रहा है और नियमों के संभावित दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई जा रही है। अमर क्षत्रिय सभा ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया है।

