भारत आज 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गौरव और उल्लास के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” रखी गई है। समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं। कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक मूल्य और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला।

भारतीय सेना ने पहली बार स्वदेशी आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल के साथ चरणबद्ध युद्ध संरचना का प्रदर्शन किया। वहीं परेड में नाग मिसाइल सिस्टम, इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल और वायुसेना का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हेलीकॉप्टर फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र रहा। चार Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने कर्तव्य पथ पर फूलों की वर्षा कर राष्ट्रभक्ति का दृश्य रचा। परेड में यूरोपीय संघ के सैन्य दल ने भी भाग लिया, जिसका नेतृत्व कर्नल फ्रेडरिक साइमन स्प्रुइट कर रहे थे। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।
