
ओडिशा में निर्मित 286 किलोग्राम वजनी स्वर्ण धनुष अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर पहुँच गया है। यह भव्य कोदंडा धनुष भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शिल्प परंपरा और आध्यात्मिक आस्था का अद्भुत प्रतीक है। सोने, चांदी, तांबे, जस्ता और लोहे के मिश्रण से निर्मित यह धनुष न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि भारतीय धातु शिल्प की उत्कृष्टता को भी दर्शाता है। इस विशेष कोदंडा का निर्माण तमिलनाडु के कांचीपुरम की कुशल महिला कारीगरों द्वारा किया गया है, जिनकी मेहनत, निपुणता और समर्पण इस कृति में स्पष्ट रूप से झलकता है। ओडिशा से लेकर तमिलनाडु और फिर अयोध्या तक की यह यात्रा देश की एकता, विविधता और सहयोग की भावना को मजबूत करती है। श्रीराम मंदिर में यह स्वर्ण धनुष श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को भारतीय कारीगरी और सांस्कृतिक मूल्यों से प्रेरित करेगा।

