पाकुड़ की उच्च शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार, प्रशासनिक संवेदनहीनता और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ ABVP ने निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। सेमेस्टर-4 के परीक्षा परिणामों में अनियमितता के विरोध में जब परिषद के कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने महाविद्यालय पहुँचे, तो प्रभारी प्राचार्य अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए मिले। कॉलेज की बदहाली के विरोध में परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में ही अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय में तालाबंदी करते हुए भूख हड़ताल आरंभ कर दी। परिषद के कार्यकर्ता पूरी रात परिसर में ही डटे रहे।प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय ने कहा आज पाकुड़ की उच्च शिक्षा वेंटिलेटर पर है और अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। यह कैसी विडंबना है कि छात्रों से एडमिशन के समय फीस के नाम पर ₹1000 वसूले जाते हैं, लेकिन धरातल पर छात्रों को पीने का शुद्ध पानी तक नसीब नहीं है। महाविद्यालय के शौचालयों में न दरवाजे हैं और न ही पानी की सुविधा। आखिर छात्रों से वसूले गए ₹60 लाख का फंड किसकी तिजोरी में गया ? उपाध्याय ने आगे कहा इस जिले में पीजी व कानून की पढ़ाई नहीं होती है और न ही कोई वोकेशनल कोर्स है। हजारों गरीब छात्रों की स्कॉलरशिप रुकी हुई है, जिसके भरोसे वे तकनीकी शिक्षा का सपना देखते हैं। संथाल परगना के अन्य कॉलेजों की तरह पाकुड़ B.Ed कॉलेज की मान्यता भी समाप्ति की कगार पर है, लेकिन प्रशासन ने फीस को ₹88,000 से बढ़ाकर ₹1,30,000 कर दिया है। यह सीधे तौर पर छात्रों का आर्थिक और मानसिक शोषण है। यदि मान्यता समाप्त हुई तो इन

छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा? कॉलेज अध्यक्ष दुलाल चंद्र दास ने बताया कि कॉलेज में हर वर्ष लिया जाने वाला ₹10 का फॉर्म शुल्क बिना किसी सूचना के सीधे ₹110 कर दिया गया है। कॉलेज उपाध्यक्ष सुमित सेन और नगर सह मंत्री रॉकी रविदास ने कहा कि एक तरफ निजी पुस्तकालय फल-फूल रहे हैं और दूसरी तरफ कॉलेज की करोड़ों की किताबें लाइब्रेरी में सड़ रही हैं। कॉलेज प्रशासन की इसी लापरवाही के कारण B.Ed की मान्यता पर खतरा मंडरा रहा है क्योंकि इसका अपना पुस्तकालय तक व्यवस्थित नहीं है।विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था को बदलने के लिए है। परिषद ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि जिस प्रकार माध्यमिक शिक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है, उसी प्रकार उच्च शिक्षा के इस गिरते स्तर को सुधारने के लिए भी गंभीर चिंतन हो। जब तक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाता, यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।आंदोलन में मुख्य रूप से प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय, कॉलेज अध्यक्ष दुलाल चंद्र दास, शिवम कुमार, रवि मंडल, नगर सह मंत्री रॉकी दास, कॉलेज उपाध्यक्ष सुमित सेन, अफराज अहमद, राकेश कुमार, रंजीत कुमार, दीपक मंडल, पिंटू ठाकुर, सुलभ कुमार दास, राज यादव, कैलाश साहा, रोशन साहा, प्रीतम कुमार भगत, सुमित पांडे एवं अमित साहा सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।

