हेमन्त हैं दगाबाज मेयर सीट अनारक्षित के विरोध का आगाज़। जी हां धनबाद के सर्किट हाउस में , आज दिनांक 20 दिसम्बर दिन मंगलवार को विभिन्न दलित समुदायों ने धनबाद मेयर सीट को अनारक्षित घोषित करने पर सूबे के हेमंत सोरेन की सरकार का जम कर विरोध किया यही नहीं 22 जनवरी को धनबाद के डी आर एम चौक स्थित बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आक्रोश रैली,वहां से रणधीर वर्मा चौक तक,धरना प्रदर्शन और मेयर सीट को दलितों के लिए आरक्षित करने तक लडाई लड़ने की बात कही। यही नहीं धनबाद आदिवासी,दलित,और S C, S T, बहुल क्षेत्र होने पर भी मेयर सीट को जेनरल घोषित करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती भी दे दी गई है

जो कि कोर्ट में विचाराधीन है। इन दलित समुदायों का कहना है कि क्या हम दलित भाइयों को मेयर बनने का कोई अधिकार नहीं है? जब कोई चुनाव आता है तो सभी राजनीति पार्टियां दलितों के हित की बातें करती है,बड़े बड़े वायदे करती हैं वर्तमान में हेमंत सोरेन की सरकार जो दुबारा से सत्ता में है इसका उदाहरण है, अब समय आ गया देखने का कि कौन सी पार्टी के लोग दलितों का साथ देते हैं। फिलहाल आदिवासी, दलित समुदायों के लोग मूर्ख नहीं जो हमेशा अपना वोट देकर जनप्रतिनिधि को जीतते रहेंगे वे हर प्रकार से जनप्रतिनिधि बनने के लायक हैं। प्रस्तुत है सहयोगी अजित मिश्रा के साथ पंकज सिन्हा की रिपोर्ट धनबाद से।

