
अंटार्कटिका के ‘डूम्सडे ग्लेशियर’ को लेकर चिंताजनक संकेत सामने आए हैं। हालिया शोध में खुलासा हुआ है कि यह ग्लेशियर तेजी से कमजोर हो रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि यह पूरी तरह ढह गया तो वैश्विक समुद्र स्तर में करीब 65 सेंटीमीटर, यानी लगभग 2 फीट तक की तत्काल बढ़ोतरी हो सकती है। इससे दुनिया भर के तटीय शहरों और द्वीपीय देशों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। शोध के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्री पानी का तापमान बढ़ रहा है, जो ग्लेशियर को भीतर से खोखला कर रहा है और उसकी स्थिरता को कमजोर कर रहा है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

