भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा देश की महत्वाकांक्षी रोजगार योजना मनरेगा को रद्द कर VB-GRAM G बिल, 2025 विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) को जबरन पारित किया जाना, सरकार की गरीब विरोधी मानसिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।केंद्रीय समिति के निर्देशानुसार VB-GRAM G बिल, 2025 के विरोध में गोकुलपुर स्थित पेट्रोल पंप के समीप एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। आयोजित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष इजाजुल इस्लाम ने की। जिलाध्यक्ष एजाजुल इस्लाम ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर नया कानून लाया है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए मजदूरों के साथ अन्याय किया जा रहा है। झामुमो केंद्रीय समिति के निर्देश पर यह आंदोलन

किया जा रहा है और जब तक यह बिल वापस नहीं लिया जाता तब तक पार्टी सड़क से लेकर सदन तक विरोध जारी रखेगी।पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम यादव ने केंद्र सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता पर जबरन गलत कानून थोपा जा रहा है और दमनकारी नीतियों के जरिए गरीबों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों का शोषण किया जा रहा है।झामुमो नेताओ ने केंद्र सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि मनरेगा योजना का नाम बदलने से आदिवासी और ग्रामीण गरीबों के हितों पर असर पड़ेगा।कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और केंद्र सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। उन्होंने चेताया कि ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी शांतिपूर्ण माध्यम अपनाए जाएंगे।

