खेतको-पुलर दामोदर पुल अब ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गया है। यह पुल खेतको पंचायत को जारंगडीह और कथारा से जोड़ता है, लेकिन लगातार बारिश और तेज़ बहाव वाले पानी के कारण इसकी नींव कमजोर हो गई है। लोहे और कंक्रीट की परतें उखड़ चुकी हैं, जिससे पुल कभी भी टूट सकता है। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अभी तक न तो मरम्मत

हुई और न ही गंभीर जांच। सिर्फ चेतावनी बोर्ड लगाना प्रशासन की अनदेखी का उदाहरण है। 4 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल रोज़ाना सैकड़ों लोगों का आवागमन सुनिश्चित करता है, जिसमें स्कूल, बाजार और अस्पताल शामिल हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग से तत्काल विशेषज्ञ टीम भेजकर मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि पुल टूटने से होने वाले भारी नुकसान को रोका जा सके।

