रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) परिसर की जमीन पर अवैध कब्जा और फर्जी रजिस्ट्री मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि इस गड़बड़ी में शामिल सभी सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही जिन लोगों को बेदखल किया गया और परेशान किया गया है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। यह मामला 2018 में दायर एक जनहित याचिका से सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ कि रिम्स परिसर के लगभग सात एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा था। कोर्ट ने अधिकारियों

की लापरवाही को संज्ञान में लिया और जिला प्रशासन को 72 घंटे के भीतर अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया। रिम्स की जमीन पर बने निर्माणों को गिराने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि दस्तावेजों में हेरफेर किया गया। अगली सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी।

