
ब्रह्मा कुमारिस शांति सरोवर द्वारा आयोजित 21वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लिया। सम्मेलन का विषय था- ‘भारत का शाश्वत ज्ञान: शांति और प्रगति के मार्ग’। अपने संबोधन में द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “भारत की आध्यात्मिक विरासत विश्व की मानसिक, नैतिक और पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान प्रदान करती है।” उन्होंने यह भी बताया कि हमारी सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति आधुनिकता और आध्यात्मिकता का संगम है, जो पूरे संसार के लिए एक आदर्श है। इस आयोजन ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के महत्व को पुनः रेखांकित किया और शांति तथा प्रगति की दिशा में सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित किया।

