मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजनाओं में से एक है, जो पिछले 20 वर्षों से करोड़ों गरीब भाई-बहनों को रोजगार और जीवनयापन का सहारा देती आ रही है। यह योजना ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की कानूनी गारंटी है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने कार्यकाल में पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रही है और अब वह गरीब मजदूरों से रोजगार की यह गारंटी भी छीनना चाहती है। इसी मंशा से मनरेगा को कमजोर करने वाला विधेयक लाया गया है। इस विधेयक के जरिए भाजपा करोड़ों मजदूरों को मिले रोजगार के संवैधानिक अधिकार को खत्म करने की

कोशिश कर रही है। यह पूरी तरह से मजदूर विरोधी और जनविरोधी कदम है। कांग्रेस पार्टी इस मजदूर विरोधी विधेयक के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ी है और मांग करती है कि यह विधेयक तत्काल वापस लिया जाए। कांग्रेस गरीब, मजदूर और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई हर स्तर पर जारी रखेगी।

